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एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने मनाया नो यूपीआई डे

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में गांधी जयंती पर भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने सागर मार्केट, कैनाल रोड के बाहर प्रदर्शन किया। ‘व्यापारियों की आवाज सुनो सत्याग्रह’ के तहत आयोजित धरने में व्यापारियों ने नगाड़ा और डमरू बजाकर विरोध जताया। प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने और प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। इस दौरान दुकानदारों ने यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं किया और हाथों में पोस्टर लेकर ‘यूपीआई पर एमडीआर शुल्क मंजूर नहीं’ के नारे लगाए।प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के चयनित यूपीआई व्यापारिक लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लागू होने की व्यवस्था से व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से इसका आर्थिक प्रभाव और बढ़ सकता है। खासकर कम मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों को इससे परेशानी हो सकती है। उन्होंने सरकार से डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग की।व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई छोटे और बड़े कारोबार में भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से कारोबार की लागत बढ़ सकती है। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एमडीआर शुल्क ग्राहकों के बजाय व्यापारियों से लिया जाना है और 2,000 रुपये तक के यूपीआई व्यापारिक भुगतान इससे मुक्त रहेंगे।जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा कि दीपावली समेत आगामी त्योहारों के दौरान बाजार में कारोबार बढ़ता है। ऐसे समय में अतिरिक्त भुगतान शुल्क व्यापारियों की परेशानी बढ़ा सकता है। व्यापारियों के अनुसार, बढ़ी हुई लागत का अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों पर भी पड़ने की आशंका है। प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता और जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने ने शुल्क वापस लेने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।कानपुर मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा, संरक्षक सुरेश सिंहवानी और उपाध्यक्ष सुशील तुली ने भी एमडीआर शुल्क पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और थोक कारोबार में पहले से ही मुनाफे का अंतर कम है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया, जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता कुक्कू, प्रदेश युवा संगठन महामंत्री विनायक पोद्दार और युवा महामंत्री मनोज विश्वकर्मा ने कहा कि छोटे दुकानदारों और खुदरा कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले बिना डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, कानपुर के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी व्यापारियों ने ‘नो यूपीआई डे’ मनाकर एमडीआर शुल्क का विरोध किया। प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल वहीद, अजय गुप्ता राजू, रतन सिंह राजू, अनुराग साहू, कुंदन शर्मा, अनुज त्रिपाठी, अरविंद गुप्ता, अतुल ओमर, राहुल शर्मा, सुरेंद्र जायसवाल, आशीष गोयल, सिद्धार्थ सिंह, प्रताप परिहार, रामनरेश शुक्ला, अनुराग जायसवाल, सुशील तोमर, शरद गुप्ता, नागेंद्र सिंह, सत्यनारायण खन्ना और अवतार शर्मा समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।