एक साल से बंद पुलिस सहायता केंद्र
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। तुर्कपट्टी क्षेत्र में नेशनल हाईवे-28 पर घाघी नदी के पास स्थित पुलिस सहायता केंद्र करीब एक साल से उपेक्षा का शिकार है। केंद्र का ताला टूटा हुआ है और दरवाजा खुला पड़ा है। ऐसे में हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में तत्कालीन जिलाधिकारी रिंगजियान सैमफिल ने बुद्ध घाट क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना कराई थी। केंद्र के सक्रिय रहने के दौरान यहां पुलिसकर्मियों की नियमित गश्त होती थी, जिससे गौ तस्करी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती थी।स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब आठ वर्ष पहले मधुरिया चौकी प्रभारी अजय सिंह के स्थानांतरण के बाद केंद्र धीरे-धीरे निष्क्रिय हो गया। इसके बाद कई अधिकारियों के स्थानांतरण हुए, लेकिन केंद्र दोबारा नियमित रूप से संचालित नहीं हो सका। वर्तमान में भवन की स्थिति भी खराब हो रही है।करीब दो वर्ष पहले घाघी नदी पुल के नीचे युवती का शव मिलने की घटना के बाद क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सहायता केंद्र दोबारा शुरू होने से हाईवे पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सकेगी।क्षेत्रवासियों ने पुलिस अधिकारियों से केंद्र की मरम्मत कराकर नियमित गश्त शुरू करने और इसे दोबारा संचालित करने की मांग की है।