
पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी। वाराणसी के होटल ताज गंगा में ‘फाइनेंशियल इंक्लूजन इन डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप समिट एंड अवार्ड्स 2026’ का आयोजन किया गया। इसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, फिनटेक, तकनीक, सरकार और कॉर्पोरेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर डिजिटल बैंकिंग के भविष्य और वित्तीय समावेशन पर विचार साझा किए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ रहे। इस अवसर पर राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष और इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय के. आनंद सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।इंडियन इन्वेस्टर्स फेडरेशन और इन्वेस्ट यूपी की ओर से आयोजित सम्मेलन में डिजिटल परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित बैंकिंग सेवाओं और ग्राहक-केंद्रित नवाचारों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग ने वित्तीय लेन-देन को अधिक सुविधाजनक, सुलभ और प्रभावी बनाया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आधुनिक तकनीक अपनाकर वित्तीय सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।सम्मेलन में मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और जोखिम प्रबंधन को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप समिट एंड अवार्ड्स 2026’ रहा, जिसमें वित्तीय क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों, नेतृत्व और नवाचार के लिए सम्मान प्रदान किए गए।