
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को गुरुवार को गोमतीनगर स्थित पार्टी कार्यालय के पास पुलिस ने रोक दिया। वह प्रदेश में आठ हत्याकांड और जानलेवा हमले के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर डीजीपी को ज्ञापन देने पुलिस मुख्यालय जा रहे थे। पार्टी के अनुसार, मौर्य सुबह करीब 11 बजे कार्यालय से निकले थे।ज्ञापन में अयोध्या के कंदेला में श्रीराम लगन मौर्य, गोंडा में विनोद साहनी, कासगंज में पवन कोरी, प्रतापगढ़ में अर्जुन गौतम और बदायूं में राजेश कोरी हत्याकांड का जिक्र किया गया है। इसके अलावा सुल्तानपुर में मंगल कोरी और उनके परिवार पर हमले, प्रतापगढ़ में सौरभ विश्वकर्मा हत्याकांड तथा सुल्तानपुर के अखंडनगर में राजन पर जानलेवा हमले का मामला भी शामिल है।पार्टी ने सभी मामलों में नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई की निगरानी की मांग की है। ज्ञापन की प्रतियां मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह, जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को भी भेजी गई हैं।स्वामी प्रसाद मौर्य ने पुलिस द्वारा रोके जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने पांच दिन पहले डीजीपी कार्यालय को अपने आने की सूचना दे दी थी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मौर्य ने सवाल किया कि जब वह डीजीपी को ज्ञापन देने जा रहे थे, तो उन्हें रास्ते में क्यों रोका गया। उन्होंने ज्ञापन लेने के लिए अधिकृत अधिकारी को भेजने की मांग भी उठाई।