
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। डीएलएड की बैक परीक्षाओं का आयोजन कर एक माह के भीतर परिणाम घोषित किए जाने से करीब 55 हजार प्रशिक्षुओं के लिए शिक्षक भर्ती में आवेदन का रास्ता खुल गया है। रायबरेली के रजत सिंह ने उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी), प्रयागराज के सचिव राजेन्द्र प्रताप और प्रदेश के प्रवक्ताओं के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए इसे प्रशिक्षुओं के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।रजत सिंह ने कहा कि शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद डीएलएड की परीक्षाएं आयोजित की गईं और आवेदन की निर्धारित समयसीमा के भीतर परिणाम भी घोषित कर दिया गया। इससे बैक परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे प्रशिक्षुओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया पूरी होने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को लाभ मिला है।उन्होंने बताया कि चारों सेमेस्टर के करीब 76 हजार प्रशिक्षुओं में से लगभग 55 हजार को शिक्षक भर्ती में आवेदन करने का अवसर मिल रहा है। संबंधित प्रशिक्षुओं के अंकपत्र और प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे दस्तावेज डाउनलोड कर निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन कर सकें।बैक परीक्षाओं के संबंध में रजत सिंह ने कहा कि छात्रों की मांग पर पीएनपी सचिव की ओर से 19 अगस्त को परीक्षा आयोजित कराने की घोषणा की गई थी। इसके बाद 7 सितंबर को परीक्षा संबंधी कार्यक्रम जारी किया गया। उन्होंने कहा कि समय पर परीक्षा कार्यक्रम जारी होने से छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिला, जो बेहतर परिणाम आने का एक महत्वपूर्ण कारण रहा। इस बार प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल रखे गए, जिससे अधिक संख्या में प्रशिक्षु उत्तीर्ण हो सके। उन्होंने परीक्षा नियामक प्राधिकारी और प्रदेश के प्रवक्ताओं के सामूहिक प्रयासों को प्रशिक्षु हित में अहम बताते हुए कहा कि समय पर परिणाम जारी होने से अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
24 अक्टूबर को जारी परिणाम : एक नजर में
उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से 24 अक्टूबर 2026 को वर्ष 2019 से 2023 तक के बैचों के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के आंशिक प्रशिक्षुओं का परिणाम घोषित किया गया। जारी आंकड़ों के अनुसार, दोनों सेमेस्टर में कुल 41,671 प्रशिक्षु पंजीकृत थे, जिनमें से 40,640 परीक्षा में उपस्थित हुए। इनमें 30,690 प्रशिक्षु उत्तीर्ण और 9,798 अनुत्तीर्ण रहे, जबकि 152 प्रशिक्षुओं का परिणाम अपूर्ण रहा। कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 75.52 रहा।
सेमेस्टर कुल पंजीकृत उपस्थित उत्तीर्ण अनुत्तीर्ण
द्वितीय 17,437 16925 12,789 4,104
चतुर्थ 24,234 23,715 17,901 5,694
कुल 41,671 40,640 30,690 9,798