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चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही से घायल बंदर की मौत, नंदी के घाव में पड़े कीड़े

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एसपीसीए की बैठक में डीएम के सामने डॉक्टरों के दावों की खुली पोल, रोस्टर के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंचे बाड़े में

 

 

सुल्तानपुर। नगर के गोलाघाट स्थित सरकारी पशु अस्पताल और एसपीसीए सेंटर में अव्यवस्था का आलम है। इलाज में लापरवाही के चलते एक घायल बंदर की मौत हो गई है, वहीं एक घायल नंदी के पैर में कीड़े बिलबिलाने की फोटो वायरल होने से पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश है।आपको बता दें कि लगभग दो हफ्ते पूर्व एसपीसीए के वॉलेंटियर एक घायल बंदर को लेकर पशु अस्पताल आए थे। बंदर का इलाज पशु अस्पताल में चल रहा था। एसपीसीए के वॉलेंटियरों के अनुसार बंदर के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने प्राइवेट वेटनरी डॉक्टर को दिखाया, तब पता चला कि बंदर को टिटनेस हो गया था और शुरुआत में ही उसे टिटनेस का इंजेक्शन नहीं लगाया गया था। इलाज के अभाव में बंदर की मौत हो गईबताया जा रहा है कि बीते हफ्ते एसपीसीए की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें पशु अस्पताल के डॉक्टरों ने रेस्क्यू और इलाज को लेकर लंबे-चौड़े दावे किए थे। इसी बैठक में एसपीसीए वॉलेंटियरों ने उनके दावों पर सवाल खड़े किए थेआरोप है कि डीएम की बैठक के बाद नाराज चल रहे डॉक्टर रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगे होने के बावजूद बाड़े में बंद एसपीसीए सेंटर के पशुओं को देखने नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को पशु अस्पताल में ही एक घायल नंदी की फोटो वायरल हुई,जिसको लेकर एसपीसीए के वालेंटियर बेहतर इलाज करने के लिए पशु अस्पताल के चिकित्सकों से फोटो भेजकर इलाज के लिए विनती करते दिखे।गौवंस के आगे के पैर में कीड़े पड़े हुए थे, जो अस्पताल की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।जीव प्रेमियों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई और एसपीसीए सेंटर में नियमित इलाज की मांग की है।