
सपा का पीडीए धोखा, भाजपा, कांग्रेस भी आरक्षण विरोधी:विश्व नाथ पाल
संजीव भारती
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। हरदोई जिले की विधानसभा गोपामऊ में बुधवार को बहुजन समाज पार्टी की ओर से सेक्टर/बूथ स्तरीय समीक्षा बैठक और कैडर कैम्प आयोजित किया गया। बैठक के दौरान सर्वसमाज के दर्जनों नेताओं ने समाजवादी पार्टी छोड़कर बसपा का दामन थामा। सेक्टर स्तरीय बैठक में तगड़ी ज्वाइनिंग से उत्साहित बसपा कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त नारे बाजी करते हुए 2027 में बहन मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया।प्रदेश अध्यक्ष विश्व नाथ पाल ने नये मेहमानों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।काला आम बगिया, हरदोई में आयोजित सेक्टर स्तरीय कैडर कैम्प में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी। सर्वसमाज के दो दर्जन से अधिक नेताओं ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बसपा का दामन थामा और 2027में पांचवीं बार उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार बनाने का संकल्प लिया।प्रदेश अध्यक्ष विश्व नाथ पाल ने कार्यकर्ताओं को बहुजन मूवमेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि बहुजन समाज पार्टी एक राजनीतिक दल नहीं, बहुजन महापुरुषों का सामाजिक परिवर्तन का मूवमेंट है जिसे आगे बढ़ाने के लिए मान्यवर कांशीराम के बाद बहन मायावती जी ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है।बहुजन समाज पार्टी देश में भारतीय संविधान की व्यवस्थाओं के अनुरूप शासन व्यवस्था की स्थापना करके सर्व समाज के लोगों का हित सुरक्षित करना चाहती है, अपनी चार बार की सरकार में बहन मायावती जी ने इसे करके भी दिखाया है।उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीति पर फोकस करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा, कांग्रेस और सपा तीनों दलों को निशाने पर लिया और कहा कि तीनों दल संविधान और आरक्षण विरोधी हैं।सदन में जिस समय सपा का सांसद आरक्षण का बिल फाड़ रहा था,उस समय भाजपा और कांग्रेस तमाशा देख रही थी।अखिलेश यादव की सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने के साथ हजारों एस सी/एस टी कर्मचारियों का डिमोशन किया और ठेकेदारी में भी आरक्षण खत्म करने का काम किया है,जब जब भी उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार रही है, दंगे हुए हैं और मुस्लिम समाज का शोषण और उत्पीड़न हुआ है। बसपा ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू कराई।सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बहुजन समाज के महापुरुषों का सबसे अधिक अपमान किया है।प्रदेश अध्यक्ष विश्व नाथ पाल ने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा और जोश भरते हुए 2027 मे अपने अपने बूथों पर बसपा की जीत सुनिश्चित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुछ विरोधी लोग नीले रंग को लेकर मतदाताओं को गुमराह करने और भाजपा, कांग्रेस, सपा के इशारे पर वोट खराब करने की असफल कोशिश कर रहे हैं ऐसे में जिस नीले झंडे में हाथी है,वहीं सर्वसमाज का साथी है ---यह नारा , जयभीम की तरह गांव गांव गूंजना चाहिए।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा का पीडीए परिवार दल एलाइंस है,यह पिछड़े वर्ग के लोगों को धोखा देकर ऐनकेन प्रकारेण सत्ता तक पहुंचने के लिए बनाया गया है। अखिलेश यादव इसकी परिभाषा बदलते रहते हैं।जब मौका मिला तो उन्होंने भाजपा के राज्य सभा सांसद के बेटे को राज्य सभा भेज दिया, इन्हें उत्तर प्रदेश में अपने चाचा के अलावा और कोई बैकवर्ड, दलित, मुस्लिम नहीं मिला।बैठक को मुख्य मंडल प्रभारी सुशील कुमार मुन्ना, मंडल प्रभारी रणधीर बहादुर सिंह, राकेश कुमार गौतम,आई पी सिंह दोहरे,अमर सिंह,विनय कुमार कश्यप आदि ने संबोधित किया।
सपा छोड़ बसपा में शामिल प्रमुख नेता -एक नजर
हनीफ अंसारी,बल्ला खान, मिथिलेश जोशी, सुनील कुमार, बंटी बाबू,आमिर हसन खान, इलियास कुरैशी,आजम खान,रवि उल्ला खान, इरफान खान उर्फ लाला जी,मजीद खान, रफीउद्दीन सलमानी, डॉ सवान खान,नजीम खान, अख्लाक हुसैन