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बरवाकला में हुआ जल अर्पण दिवस समारोह-,जल जीवन मिशन से ग्रामीणों को मिल रहा तीसरे स्ट्रेटा का जल

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जल की बर्बादी रोंके, जलस्रोतों को बचाएं, जीवन को सुरक्षित करें
2028तक बढ़ाई गई जल जीवन मिशन की सेवाएं

 

 

pardarshi vikas news lucknow 
शनिवार को जनपद कुशीनगर के विकास खंड पडरौना में स्थित बरवाकला ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना पर जल अर्पण दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अभियंता इंजीनियर वी पी सिंह  और सांसद विजय दूबे के साथ जिले के सभी माननीय विधायकों ने परियोजना का लोकार्पण किया और ग्रामीणों को परियोजना के समुचित रखरखाव में कार्यदाई एजेंसी का सहयोग करने के संदेश दिए। मुख्य अभियंता इंजीनियर वी पी सिंह ने जनप्रतिनिधियों को गोरखपुर मंडल और कुशीनगर जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी और कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत लोगों को तीसरे स्ट्रेटा का जल उपलब्ध कराया जा रहा है।जल जीवन मिशन की स्वच्छ जलापूर्ति की सेवाओं से गांव में प्रदूषित जल के उपयोग से होने वाली बीमारियों का प्रभाव कम किया है  बरवाकला ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का काम मेसर्स एनसीसी लिमिटेड एजेंसी की ओर से कराया गया है।इस परियोजना से साढ़े चार हजार से अधिक आबादी लाभान्वित है।704जल कनेक्शन हुए हैं।14.6किमी जल वितरण प्रणाली से हर घर तक नल सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शिरोपरि जलाशय की क्षमता 250किलो ली है। जल अर्पण दिवस समारोह के दौरान ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के साथ स्वच्छ पेयजल के उपयोग के साथ परियोजना को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।मुख्य  अभियंता के साथ सांसद और विधायकों ने परियोजना का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से जलापूर्ति के सम्बन्ध में जानकारी भी ली।विधायक विवेकानंद पांडेय, सुरेन्द्र कुशवाहा,आशीष राय,विनय प्रकाश गोंड,मनीष जायसवाल, मोहन वर्मा, पंचानंद पाठक, ब्लाक प्रमुख सुधीर राव आदि मौजूद रहे।

 

 

 जनपद -कुशीनगर में जल जीवन मिशन की प्रगति -एक नजर 

  1. पाइप लाइन पेयजल परियोजनाओं की संख्या -453
  2. पूर्ण परियोजनाओं की संख्या -205
  3. पेयजल आपूर्ति वाले गांवों की संख्या -635
  4. गृह संयोजन का लक्ष्य -544000

 

 

 जल अर्पण दिवस पर लिया गया संकल्प -एक नजर 

 

जल-शपथ

 

  • मैं पानी बचाने और उसके विवेकपूर्ण उपयोग हेतु शपथ लेता हूँ लेती हूँ। मैं यह भी शपथ लेता हूँ लेती हूँ कि मैं जल का समुचित उपयोग करूँगा / करूँगी।
  • तथा पानी की हर एक बूंद का संचयन करूँगा / करूँगी और "कैच द रेन" अभियान को बढ़ावा देने में पूरा सहयोग दूँगा / देंगी।
  • मै नल से आने वाले जल का ही प्रयोग करूँगा / करूँगी और अपने आप को निरोगी बनाऊंगा / बनाऊंगी।
  • मैं पानी को एक अनमोल संपदा मानूँगा / मानूँगी और ऐसा मानते हुए ही इसका उपयोग करूँगा / करूँगी ।
  • मैं शपथ लेता हूँ लेती हूँ कि मैं अपने परिवारजनों, मित्रों और पडोसियों को भी इसके विवेकपूर्ण उपयोग और उसे व्यर्थ नहीं करने के लिए प्रेरित करूँगा / करूँगी।
  • हम गाँव, जिला, राज्य एवं देश को जल समृद्ध बनाने में भागीदार बनेंगे।

 

 

भारत सरकार ने जल जीवन मिशन को2028तक विस्तार किया है।जो कम्पनियां परियोजनाओं का काम कर रही हैं,वे दस साल तक उनके रखरखाव और अनुरक्षण के लिए जिम्मेदार है।इस बीच स्थानीय जल प्रबंध समितियों को परियोजनाओं को आगे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित और जिम्मेदार बना दिया जाएगा।जल का सुरक्षित उपयोग, जल स्रोतों की सुरक्षा और जल का अपव्यय न होने देना सबसे अधिक जरूरी है। टोंटियां खुली न छोड़ी जांए और जल के एक एक बूंद का संचयन किया जाना चाहिए।

इंजीनियर वी पी सिंह ,मुख्य अभियंता