
PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद आर्य शाखा (ब्रह्मावर्त प्रांत) एवं आरोग्य भारती के तत्वावधान में शुक्रवार को गोविंद नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएलसी अरुण पाठक रहे। आयोजन स्थल पर पहुंचने पर परिषद एवं आरोग्य भारती के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि सहित सभी आगंतुक अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि अरुण पाठक ने बच्चों के साथ मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सतत चलने वाला जन आंदोलन है। पारदर्शी विकास न्यूज़ से विशेष बातचीत में अरुण पाठक ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद आर्य शाखा के पदाधिकारियों के साथ आरोग्य भारती के मीडिया प्रभारी सुशील कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता पर विचार-विमर्श किया गया तथा उपस्थित सभी लोगों ने पौधों के संरक्षण और हरित वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेश देकर कार्यक्रम को सार्थक बनाया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया। "आओ पेड़ लगाएं, धरती को हरा-भरा बनाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य का निर्माण करें" के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

_*पारदर्शी विकास न्यूज़*_ से विशेष बातचीत में अरुण पाठक ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।


