
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के पार्षद को शपथ नहीं दिलाने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने भाजपा मेयर सुषमा खर्कवाल के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज कर दिए हैं। अब उनके अधिकार जिलाधिकारी और नगर आयुक्त देखेंगे।जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस कमर हसन रिजवी की पीठ ने कहा कि जब तक सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक मेयर के अधिकार बहाल नहीं होंगे।मामला वार्ड-73 फैजुल्लागंज का है। वर्ष 2023 के निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला को विजयी घोषित किया गया था। बाद में सपा प्रत्याशी ललित तिवारी ने चुनाव परिणाम को कोर्ट में चुनौती दी थी।करीब ढाई साल चली सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को प्रदीप शुक्ला का निर्वाचन रद्द कर ललित तिवारी को निर्वाचित घोषित कर दिया था। आरोप था कि नामांकन के दौरान जरूरी जानकारियां छिपाई गई थीं।ललित तिवारी का कहना है कि फैसला आने के पांच महीने बाद भी उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। हाईकोर्ट ने पहले भी नगर आयुक्त को एक सप्ताह में शपथ दिलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने मेयर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को तलब कर सख्त टिप्पणी की।