
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा चुनाव, किसानों और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सभी को पार्टी में समायोजित करना आसान नहीं है और वह किसी से झूठा वादा नहीं करना चाहते।राज्यसभा में तीसरे प्रत्याशी के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल के आधार पर फैसला होना चाहिए। वोटों की गिनती पूरी होने के बाद तीसरे प्रत्याशी के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने पिछली बार के राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर बेईमानी का आरोप भी लगाया।अखिलेश ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर किसानों को मुफ्त सिंचाई, सस्ती बिजली और गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे में किया जाएगा। खेती के उपकरण सस्ते करने और दूध, तिलहन व दलहन के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने मौजूदा सरकार में खाद और यूरिया की उपलब्धता पर सवाल उठाए।उद्योगपति धनराज नथवानी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर अखिलेश ने कहा कि इससे नई पीढ़ी और नई सोच को मौका मिलेगा। उन्होंने उद्योगों के विकास को प्रदेश की आय बढ़ाने और समानता से जोड़ते हुए कहा कि ठोस योजना के बिना एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता।भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ अच्छे संबंध होने की बात भी अखिलेश ने कही। पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने गमछे के रंग को लेकर चुटकी ली। रायबरेली में ‘लोधी बनाम योगी’ मुकाबले की बात भी दोहराई।अखिलेश ने 2022 के चुनाव में वोट काटने का आरोप चुनाव आयोग पर लगाया। संभल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट के जुर्माने का जिक्र करते हुए उन्होंने यूपी पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2027 में प्रदेश की जनता सरकार बदलने का फैसला करेगी।
2022 के चुनाव में चुनाव आयोग ने वोट काटने का काम किया’
बीजेपी के नए दफ्तर पर निशाना साधते हुए अखिलेश बोले, ‘भाजपा को इतना बड़ा कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी? वे चुनाव आयोग (ECI) के दफ्तर में ही एक फ्लोर किराए पर ले लेते। 2022 के चुनाव में चुनाव आयोग ने वोट काटने का काम किया था।’संभल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 10 लाख का जुर्माना लगाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 10 साल में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार यूपी पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। चप्पल पहनकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। एक गलती को छिपाने के लिए दूसरा गलत एनकाउंटर कर दिया जाता है। अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि 10 साल में यह सरकार किसानों को एक बिजली का कारखाना तक नहीं दे सकी। इस बार प्रदेश की जनता 'नकली योगी' को सत्ता से हटाने जा रही है।