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भाजपा को हटाने के लिए साथ आने वालों का सपा में स्वागत: अखिलेश यादव

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पारदर्शी विकास न्यूज़  लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ जो लोग आना चाहते हैं, उनका स्वागत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रदेश और देश के सामने संकट पैदा कर दिया है और भाजपा के सत्ता से हटने के बाद ही यह संकट दूर होगा। अखिलेश यादव ने यह बात समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में लोकतंत्र रक्षक सम्मेलन के बाद पत्रकार वार्ता में कही।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में हर वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने लोगों से भाजपा को हटाने में सपा का साथ देने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में पीडीए और नई पीढ़ी भाजपा का मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं में भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी है और समाजवादी पार्टी अपने आगामी घोषणा पत्र में नई पीढ़ी के लिए नौकरी और रोजगार से जुड़े कई प्रावधान शामिल करेगी। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान लैपटाप वितरण, आईटी सिटी और डायल-100 जैसी सेवाएं शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि भविष्य में तकनीक को जोड़कर किसानों, गरीबों और युवाओं के लिए योजनाएं तैयार की जाएंगी।भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि विकास का पैसा सही जगह खर्च होने के बजाय भाजपा नेताओं की जेब में जा रहा है। उन्होंने नदियों की सफाई और विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट का पैसा खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि करीब 91 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के 45 किलोमीटर हिस्से में 74 गड्ढे हो गए हैं। हालिया रिपोर्टों में भी 91 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के 45 किलोमीटर हिस्से में 74 स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। अखिलेश यादव ने निर्माण की लागत और गुणवत्ता को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। इसके विपरीत उन्होंने सपा सरकार के दौरान बनाए गए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि वह बिना उचित रखरखाव के भी बेहतर स्थिति में है। इन दावों पर सरकार और संबंधित एजेंसियों का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।अखिलेश यादव ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में एक भी नई बिजली इकाई नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि जब बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ाया गया है तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री जहां भी जाएंगे, उन्हें जनता के सवालों का सामना करना पड़ेगा।चुनाव आयोग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मीरापुर में महिलाओं पर पुलिस द्वारा हथियार तानने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी तस्वीरें लोग नहीं भूल सकते। उन्होंने रामपुर, मीरापुर, कुंदरकी, बीकापुर और कटेहरी के उपचुनावों को लेकर भी चुनाव में धांधली और लक्षित तरीके से वोट काटे जाने के आरोप लगाए। चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव पहले भी ऐसे आरोप लगाते रहे हैं। सितंबर में उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा हटेगी तभी लोकतंत्र बचेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले दिन से चुनाव आयोग में नियुक्ति के तरीके का विरोध करती रही है। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति की तुलना आपातकाल के दौर से करते हुए कहा कि जिस काल में पीडीए पर अत्याचार होगा, वह उनके लिए आपातकाल है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को भी सम्मान दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि भाजपा इस बार सूक्ष्मदर्शी लेकर भी काम करेगी तो विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी उसे हरा देगी। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लगातार हत्याएं हो रही हैं और आम आदमी से लेकर साधु-संत तक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि सच्चे साधुओं की भी हत्या हो रही है।