बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। डीएम ने प्रभावित गांवों की जरूरत के अनुसार माइक्रो प्लान तैयार कर राहत, पुनर्वास और जरूरी सेवाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने, गांव-गांव उपचार, दवाओं और क्लोरीन की गोलियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने, टीकाकरण और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए। लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों, नालियों और खड़ंजों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने तथा विद्युत विभाग को क्षतिग्रस्त पोल, तार और ट्रांसफार्मर दुरुस्त कर सुरक्षित बिजली आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया।डीएम ने कृषि विभाग को गन्ना, धान, केला समेत अन्य फसलों के नुकसान का पारदर्शी सर्वे कराने और प्रभावित किसानों के लिए सरसों, राई व मसूर के बीज की बुकिंग शुरू कराने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए भूसा, टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।उन्होंने सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश और राशन की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और पोषण सुविधाओं की व्यवस्था करने को कहा। डीएम ने राहत कार्यों की जियो-टैग फोटो और दस्तावेजीकरण अनिवार्य करने के साथ कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति की निगरानी के निर्देश दिए।