
लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी:नगर आयुक्त
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। बारिश के बाद सड़कों पर जमा बजरी, जर्जर मार्ग और जलभराव की समस्या से शहरवासी परेशान हैं। त्योहार भी नजदीक हैं, ऐसे में नगर निगम ने एक बार फिर बैठक कर अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत और सफाई के निर्देश दिए हैं। सवाल यह है कि इस बार निर्देशों पर कितना अमल होगा या फिर सड़कें दुरुस्त करने और जलभराव दूर करने का मुद्दा भी बैठकों और फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा? मंगलवार को महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में नगर निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक हुई। महापौर ने मुख्य मार्गों पर जमा बजरी तत्काल हटाने और त्योहारों से पहले प्रमुख सड़कों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बजरी के कारण दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।बैठक में जोनल स्वच्छता अधिकारियों से बजरी हटाने की कार्रवाई का ब्योरा लिया गया। सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई। नगर आयुक्त ने सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और जल निकासी के काम प्राथमिकता से पूरे कराने को कहा। लापरवाही या देरी मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी।मकड़ीखेड़ा और पांडु नदी से प्रभावित इलाकों में जल निकासी की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मकड़ीखेड़ा में वाटर शंकर पंप की कार्यशीलता की जानकारी लेकर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, महापौर ने जरौली और सुंदर नगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि घरों में पानी घुसने से कपड़े और जरूरी सामान प्रभावित हुए हैं। अब देखना होगा कि बैठक में दिए गए निर्देशों का असर सड़कों और प्रभावित इलाकों में कब दिखाई देता है।

बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों की सुनी समस्याएं
महापौर प्रमिला पांडेय बाढ़ से प्रभावित जरौली और सुंदर नगर इलाकों में पहुंचीं। वहां उन्होंने जलभराव से प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने महापौर को बताया कि बाढ़ का पानी घरों में घुसने के कारण उनके पास पहनने और इस्तेमाल करने के लिए कपड़े तक नहीं बचे हैं, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।