बाल वाटिकाओं को रुचिकर बनाने पर जोर
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। प्री-प्राइमरी एवं बाल वाटिका के अंतर्गत बुधवार को डायट कुशीनगर में त्रैमासिक एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले की बाल वाटिकाओं में कार्यरत ईसीसीई एजुकेटर और विभिन्न ब्लॉकों के नोडल एआरपी ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का शुभारंभ डायट प्राचार्य दीनानाथ ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बाल वाटिकाओं को प्रभावी बनाने में ईसीसीई एजुकेटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों को खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर देने पर जोर दिया गया।एसआरजी राम प्रकाश पाण्डेय ने चहक, कदम, कलांकुर, निपुण तालिका, वंडर बाक्स, बिग बुक और टीएलएम के प्रयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ने के साथ बुनियादी दक्षताएं भी मजबूत होती हैं। डायट प्रवक्ता डॉ. कमलेश कुमार ने बाल वाटिका के निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने का आह्वान किया। कार्यशाला में नोडल एआरपी समेत सभी ईसीसीई एजुकेटर मौजूद रहे।