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अमेठी में उत्तर-दक्षिण के साहित्यकारों का संगम

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पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। नगर के एक होटल में शनिवार को दो पुस्तकों के विमोचन के साथ साहित्यकारों का संगम हुआ। हिंदी-अवधी मिश्रित इस समारोह में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और कनाडा से जुड़े साहित्य प्रेमियों ने अवधी भाषा के विकास और समृद्धि पर चर्चा की। भारतीय बोली भाषाओं के साहित्य को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया गया।अवधी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पांडेय के तीसरे कहानी संग्रह ‘अंजुरी मा अकाश’ और राम यश पांडेय की कृति ‘मन के भाव’ का विमोचन हुआ। डॉ. अर्जुन पांडेय ने सेवानिवृत्ति के बाद अवधी लेखन शुरू किया और पिछले वर्षों में अवधी साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है। उनकी कहानियों ने किस्सागोई की पुरानी परंपरा को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए जीवन मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।‘मन के भाव’ का प्रकाशन राम यश पांडेय के पुत्र सुभाष चंद्र पांडेय ने डॉ. अर्जुन पांडेय के सहयोग से कराया। पुस्तक में प्रकृति और जीवन अनुभवों से जुड़ी 79 छोटी-बड़ी रचनाएं शामिल हैं।समारोह में कनाडा से आए अनिल शुक्ल और नीरजा शुक्ल ने अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया। राजस्थान के हेमराज मीणा ने अवधी, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी और राजस्थानी साहित्य अकादमी के गठन की मांग उठाई। तमिलनाडु के पूर्व प्रोफेसर गोविंद राजन ने अवधी की सांस्कृतिक भूमिका की सराहना की। कथक नृत्यांगना अनामिका श्रीवास्तव ने प्रस्तुति के जरिए बालिकाओं को नृत्य-संगीत में आगे बढ़ने का संदेश दिया।