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अमेठी में मतदाताओं को लालच देकर वोट के लिए साधने की कवायद तेज, सपा विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी पार्टी की विधायक पर गंभीर आरोप लगाए

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अमेठी।  विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर मतदाताओं को लालच लेकर अपने पाले में करने की विधायक महाराजी प्रजापति और उनके परिवार की कवायद को लेकर नेताओं के बयान सुर्खियों में हैं। भारतीय जनता पार्टी की टिकट की दावेदार शाम्भवी सिंह के बाद सपा के विधानसभा अध्यक्ष मनीराम वर्मा ने विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सपा विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक पर समाजवादी पार्टी,लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने के आरोप लगाए हैं, विधायक के कार्यों को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन को भी निशाने पर लिया है। सपा विधानसभा अध्यक्ष मनीराम वर्मा का कहना है कि विधायक महराजी प्रजापति को भाजपा का संरक्षण प्राप्त है, इसीलिए जिला प्रशासन उनके संविधान विरोधी कृत्यों के विरुद्ध मौन है।  अमेठी में गैस सिलेंडर की किल्लत शुरू होने के बाद विधायक की पुत्रियों की ओर से गठित एन जी ओ/,संस्था के माध्यम से इंडक्शन का वितरण शुरू हुआ। हजारों महिलाओं को इंडक्शन चूल्हे बांटे गए हैं।इस समय विधायक की ओर से आलू बांटे जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी से विधानसभा टिकट की दावेदार शाम्भवी सिंह और अनंत विक्रम सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में विधायक महाराजी प्रजापति के कार्यों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि विधायक ने पिछले चार साल में जनहित के कोई काम नहीं किए, चुनाव नजदीक आने पर वे इंडक्शन चूल्हे और आलू बांटकर मतदाताओं के बीच लालच पैदा कर रही हैं। उनका यह काम लोकतंत्र और संविधान विरोधी है। उन्होंने दावा किया कि अमेठी की जनता जागरुक हैं,वह परिवर्तन की तैयारी कर चुकी है। विधायक और उनकी टीम का काम संविधान की मंशा के विपरीत है।सपा विधानसभा अध्यक्ष मनीराम वर्मा भी सपा से टिकट के दावेदार हैं। सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान में उन्होंने विधायक महाराजी प्रजापति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीराम वर्मा का आरोप है कि पिछले लोकसभा चुनाव में सपा विधायक ने भारतीय जनता पार्टी की मदद की थी।खुले आम भाजपा प्रत्याशी का प्रचार किया था। लोकसभा चुनाव के बाद से ही उनकी भाजपा के साथ नजदीकियां बनी हुई हैं। सपा का जिला नेतृत्व विधायक की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। विधायक का पार्टी संगठन से कोई मतलब नहीं है वे अपने तरीके से काम करती हैं।विधानसभा अध्यक्ष मनीराम वर्मा ने कहा कि विधायक की ओर से इंडक्शन चूल्हे,आलू बांटकर गरीब मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की बोली लगाई जा रही है। समाजवादी पार्टी उनके इस काम के सख्त विरोध में है।मनीराम वर्मा ने कहा कि उन्होंने पिछले चुनाव की तरह इस चुनाव में भी टिकट की दावेदारी की है, यदि राष्ट्रीय नेतृत्व ने सोच समझ कर फैसला लिया तो कोई न कोई कार्यकर्ता विधानसभा में जीत कर जाएगा।

 

बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने सर्वसमाज को समान वोट का अधिकार दिया था।मत अमूल्य है,यही वह अधिकार है जिसके लिए पति भी अपनी पत्नी को मन माफिक मतदान के लिए दबाव नहीं बना सकता। मतदान के दौरान प्रचार होता है ---अमुक प्रत्याशी को अपना अमूल्य वोट देकर विजई बनाएं। मत अमूल्य है, फिर उसकी कीमत लगाना, मतदाताओं के बीच लालच पैदा करना,वोट को खरीदना और बेचना सही कैसे हो सकता है। संविधान विरोधी इस कृत्य को सही नहीं ठहराया जा सकता है। भारतीय लोकतंत्र में जब चुनाव आयोग एक पार्टी की संस्था बनकर रह जाए, ऐसे परिवेश में नेताओं को संविधान विरोधी कृत्य करने से मना नहीं किया जा सकता।