
PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर। हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को आईआईटी कानपुर में हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शिवा शाखा एवं स्टूडेंट जिमखाना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में "छत्रपति शिवाजी महाराज : नेतृत्व, चरित्र और राष्ट्र निर्माण के आदर्श" विषय पर संगोष्ठी हुई।कार्यक्रम का शुभारंभ छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ‘श्री गुरुजी’ के चित्रों पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता आरएसएस के प्रांत प्रचारक श्रीराम ने कहा कि शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजा के सिंहासनारोहण का अवसर नहीं था, बल्कि भारतीय समाज के आत्मविश्वास, सांस्कृतिक स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण था।उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के लंबे दौर के बाद शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज की स्थापना कर समाज में यह विश्वास जगाया कि संगठित और जागृत समाज अपने बल पर गौरवशाली भविष्य का निर्माण कर सकता है। उन्होंने शिवाजी महाराज को अप्रतिम शूरवीर, कुशल संगठनकर्ता और धर्माधिष्ठित शासन का प्रवर्तक बताते हुए कहा कि उनका जीवन प्रजा की सुरक्षा, न्यायपूर्ण शासन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा।श्रीराम ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सवों में हिंदू साम्राज्य दिवस का विशेष महत्व है। यह उत्सव समाज को अपने इतिहास, परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का स्मरण कराता है। उन्होंने संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तन के संदर्भ में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वबोध और नागरिक कर्तव्यों के पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईटी कानपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने की। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व साहस, दूरदर्शिता, सुशासन और राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। उनके आदर्श आज भी युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।इस अवसर पर नगर संघचालक रविंद्रनाथ पांडेय, विभाग प्रचारक बैरिस्टर, जिला प्रचारक अंकित, सह जिला प्रचारक सचिन, नगर प्रचारक मनभावन, ऋषभ गौड़, डॉ. प्रणव कुमार, प्रो. कौस्तुभ कुलकर्णी, प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी, प्रो. रामकुमार, शिवम त्रिवेदी, अनिमेष सोनी, गोपाल, अदिति सक्सेना, योगेश सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।