
बौद्ध धम्म और संस्कृति के उत्थान में मायावती का अहम योगदान: जितेंद्र मिश्र
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। जिले में बुधवार को बौद्ध धम्म के अनुयायियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ धम्म दीक्षा एवं प्रकाशोत्सव पर्व मनाया। जनपद में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। बौद्ध विहारों में भगवान बुद्ध की पूजा-वंदना, त्रिसरण और पंचशील कार्यक्रम हुए। शाम को घरों में दीप जलाए गए और अंबेडकर पार्कों तथा बुद्ध विहारों को रोशनी से सजाया गया। कुरंग में आयोजित कार्यक्रम में सोरांव, प्रयागराज से आए बौद्ध भिक्षु भंते करुणामित्र ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बौद्ध धम्म ग्रहण करने की ऐतिहासिक घटना, उनकी 22 प्रतिज्ञाओं तथा भगवान बुद्ध के विचारों पर प्रकाश डाला। भंते करुणामित्र और भंते विनयशील ने धम्मोपदेश दिए और सभी के मंगल की कामना की। कार्यक्रम में बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता जितेंद्र कुमार मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।जितेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने देश को संविधान देकर लोगों को अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने 14 अक्टूबर 1956 को बौद्ध धम्म ग्रहण किया था। मिश्र ने कहा कि मान्यवर कांशीराम ने बाबा साहब के विचारों को धरातल पर उतारने और संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके अनुसार, बहन मायावती ने अपने चार बार के मुख्यमंत्रित्व काल में बौद्ध धम्म और बौद्ध संस्कृति के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने कहा कि भगवान बुद्ध ने दुनिया को मानवता और शांति का संदेश दिया। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने राजनीतिक शक्ति हासिल करने और बौद्धमय भारत के निर्माण का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि मैत्री भाव बौद्ध धम्म का मूल है तथा बौद्ध विचारधारा शांति, समानता और मानवता की प्रेरणा देती है।जिले के कुरंग, नेवढ़िया, कमासिन अंबेडकर पार्क, मंडेरिका, मुसाफिरखाना, गौरीगंज, जगदीशपुर और मोहनगंज सहित कई स्थानों पर समारोह आयोजित किए गए। कुरंग में कार्यक्रम का आयोजन बसपा बूथ अध्यक्ष रामजी बौद्ध, राधेश्याम, दयाराम और बौद्धाचार्य राम अंजोर ने किया।आयोजन समिति की ओर से राम सजीवन, समरजीत, राम जियावन बौद्ध, रमेश और अजय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान बसपा जिला सचिव राजपाल, विधानसभा अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद, विधानसभा प्रभारी शमशेर बौद्ध, रामकरन, विद्या प्रसाद गौतम, राधेश्याम, संतोष दुबे और अशोक कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने दुनिया को सबसे अच्छा संविधान दिया। 14अक्टूबर 1956 को उन्होंने बौद्ध धम्म ग्रहण किया.मान्यवर कांशीराम ने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के विचारों को धरातल पर उतारने का काम किया, बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की ओर से दिए गए संवैधानिक अधिकारों को दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उनके पदचिन्हों पर चलते हुए बहन मायावती जी बाबा साहब के सपनों को साकार करने का काम कर रही हैं। अपने चार बार के मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने बौद्ध धम्म और बौद्ध संस्कृति के उत्थान में महान योगदान किया है।-जितेन्द्र कुमार मिश्र ,वरिष्ठ बसपा नेता
भगवान बुद्ध ने दुनिया को मानवता और शांति के संदेश दिए हैं। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने पोलिटिकल पावर की मास्टर चाबी हासिल करने और बौद्ध मय भारत के निर्माण के संदेश दिए थे। मैत्री भाव बौद्ध धम्म का मूल है। बौद्ध धम्म को मानने वाले राष्ट्र विज्ञान, तकनीकी और प्रगति के क्षेत्र में अन्य देशों के मुकाबले काफी आगे हैं। संजीव भारती ,जिला संयोजक ,बामसेफ, अमेठी