
पारदर्शी विकास न्यूज़, वाराणसी। स्वच्छता के प्रति समर्पण और समाज सेवा की भावना उम्र की मोहताज नहीं होती। वाराणसी के 90 वर्षीय वर्मा जी ने अपने कार्यों से इस बात को साबित कर दिखाया है। जिस उम्र में अधिकांश लोग आराम करना पसंद करते हैं, उस उम्र में वे पर्यावरण और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए सक्रिय हैं।वर्मा जी का यह जज्बा समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उनका प्रयास बताता है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प की आवश्यकता होती है।एक बुजुर्ग को स्वच्छता के लिए मेहनत करते देख युवाओं को भी इस अभियान से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। स्वच्छ वातावरण बनाए रखना केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।ऐसे निस्वार्थ प्रयासों से ही स्वच्छता की भावना जन-जन तक पहुंचती है और अभियान जनआंदोलन का रूप लेता है। आदरणीय वर्मा जी का समर्पण हम सभी को अपने आसपास सफाई रखने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। उनके जज्बे को दिल से सलाम।