
कानपुर में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जोन-6 के अंतर्गत देवकी चौराहे से कुलवंती हॉस्पिटल रोड तक पिछले तीन महीनों से सड़क की स्थिति बदहाल बनी हुई है। जल निगम द्वारा पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़क को पूरी तरह खोद दिया गया, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। गिट्टी डालकर जिम्मेदार अभियंता जैसे इसे भूल ही गए हों।
इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। दिनभर दोपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो रहे हैं, वहीं कार, लोडर और ट्रक इस मार्ग पर फंस रहे हैं, जिससे यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो जल निगम और न ही नगर निगम कोई ठोस कार्रवाई कर रहा है।
नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान भी प्रशासन की उदासीनता लोगों को अखर रही है। त्योहार के माहौल में जहां सफाई और सुगम यातायात की जरूरत होती है, वहीं यहां हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर "गड्ढा मुक्ति" का दावा कब हकीकत बनेगा, या फिर जनता यूं ही गड्ढों में मुक्ति तलाशती रहेगी?