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सहकार भारती को RSS के अंग्रेज़ी मुखपत्र ‘ऑब्ज़र्वर’ में मिला प्रमुख स्थान

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Pardarshi Vikas news Lucknow

भारत में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में कार्यरत संगठन Sahakar Bharati के लिए यह अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है कि Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के अंग्रेज़ी मुखपत्र ‘ऑब्ज़र्वर’ में सहकार भारती के कार्यों का विस्तृत और प्रमुख उल्लेख किया गया है। यह न केवल संगठन के लिए सम्मान की बात है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘RSS ABPS 2026’ के अंतर्गत प्रकाशित कवर स्टोरी में सहकार भारती के कार्यों, उद्देश्यों और देशभर में उसके बढ़ते प्रभाव को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। इसमें विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि सहकार भारती किस प्रकार सहकारिता के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे रही है।

लेख में यह स्पष्ट किया गया है कि सहकार भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आदर्शों से प्रेरित होकर सहकारी क्षेत्र में कार्य करती है। संगठन का मुख्य उद्देश्य उत्पादकों, वितरकों और उपभोक्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करना है, ताकि आर्थिक गतिविधियों में संतुलन बना रहे और सभी को समान अवसर प्राप्त हो सके। सहकारिता के इस मॉडल के माध्यम से छोटे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाया जा रहा है।

ऑब्ज़र्वर में प्रकाशित इस रिपोर्ट में सहकार भारती की संगठनात्मक संरचना और विस्तार को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें बताया गया है कि देश के 753 जिलों में से 536 जिलों में संगठन ने अपनी कार्यकारी समितियाँ स्थापित कर ली हैं, जबकि 652 जिलों में उसका सक्रिय संपर्क है। इसके अतिरिक्त, संगठन ने 824 संरचनात्मक जिलों का निर्माण किया है, जिनमें से 710 जिलों में सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है। ये आँकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सहकार भारती का नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है और देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

लेख में कृषि क्षेत्र में सहकार भारती के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। इसमें बताया गया है कि संगठन गैर-जीएम (Non-GM) हाइब्रिड कपास बीजों के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा दे रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर विकल्प प्रदान करना और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाना है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

सहकार भारती द्वारा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रयास भी इस रिपोर्ट में उल्लेखित है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल पाता है। इसके साथ ही, संगठन छोटे और मध्यम उद्यमों को भी प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

इस कवर स्टोरी में यह भी बताया गया है कि सहकार भारती केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देती है। संगठन का मानना है कि सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है, जिसमें सहयोग, विश्वास और सामूहिक विकास की भावना निहित होती है।

RSS द्वारा अपने अंग्रेज़ी मुखपत्र में सहकार भारती को प्रमुख स्थान देना इस बात का प्रमाण है कि संगठन के कार्यों को उच्च स्तर पर सराहा जा रहा है। यह सहकार भारती के कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत है और उन्हें आगे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

सहकार भारती के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह सम्मान पूरे संगठन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में सहकार भारती और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करेगी और सहकारिता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास जारी रखेगी।

इस अवसर पर संगठन से जुड़े लोगों ने सभी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को बधाई दी है और इस उपलब्धि को एक नई शुरुआत के रूप में देखने की अपील की है। उनका मानना है कि यह मान्यता सहकार भारती को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।

अंततः यह कहा जा सकता है कि ‘ऑब्ज़र्वर’ में सहकार भारती को मिला यह स्थान न केवल संगठन की उपलब्धि है, बल्कि यह सहकारिता आंदोलन के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि यदि सही दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाएं, तो समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

सहकार भारती आने वाले समय में अपने कार्यों को और अधिक विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन का लक्ष्य है कि देश के हर कोने तक सहकारिता की भावना को पहुंचाया जाए और प्रत्येक व्यक्ति को इस आंदोलन से जोड़ा जाए। यही प्रयास भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

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